जो घाव दिए है हमने धरती को उन घावों पर मरहम अब लगाना होगा। जो घाव दिए है हमने धरती को उन घावों पर मरहम अब लगाना होगा।
ग़ज़ल - ए - हयात ग़ज़ल - ए - हयात
एक कविता...! एक कविता...!
ज़िन्दगी के हर खली पन्ने पर नयी किस्मत लिखना चाहता हूँ ! किताब के हर खाली पन्ने पर कुछ नया मैं लिखना... ज़िन्दगी के हर खली पन्ने पर नयी किस्मत लिखना चाहता हूँ ! किताब के हर खाली पन्ने ...
"माना आपकी रचनायें अच्छी हैं,मगर दिक्कत ये है कि सच्ची हैं! सच तो आजकल बिकता नहीं है! "माना आपकी रचनायें अच्छी हैं,मगर दिक्कत ये है कि सच्ची हैं! सच तो आजकल बिकता ...